नई दिल्ली/रांची, 28 अगस्त: भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को देशभर में हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही घरों में पूजा-अर्चना और राखी बांधने की तैयारियां शुरू हो गईं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की, वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लिया।
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर बहनें थाली सजाकर उसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखती हैं। भाई को तिलक लगाने के बाद राखी बांधी जाती है और मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लिया जाता है। इसके बदले भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।
इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहा। पंचांग के अनुसार कई स्थानों पर राखी बांधने का शुभ समय सुबह के समय निर्धारित किया गया था। दिल्ली के लिए राखी बांधने का समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में मामूली अंतर हो सकता है।
रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भी विशेष रौनक देखने को मिली। रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों, कपड़ों और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। बच्चों और युवाओं में आकर्षक डिजाइन वाली राखियों को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कई दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए राखियों और गिफ्ट पैक की विशेष व्यवस्था की।
नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में रहने वाले भाई-बहनों ने भी तकनीक के माध्यम से पर्व की खुशियां साझा कीं। कई परिवारों में वीडियो कॉल के जरिए राखी की रस्म निभाई गई और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी गईं। विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवारों में भी रक्षाबंधन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि परिवार और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है। यह त्योहार भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा करता है।