रांची, 18 अगस्त: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। इसके साथ ही TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं, जारी परिणामों और उनसे जुड़ी चयन प्रक्रियाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला किया है। मामले की जांच CID के स्तर पर होगी। इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पूरे मामले की समीक्षा के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने की बात भी सामने आई है।
सरकार के इस फैसले को लंबे समय से आंदोलनरत अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार किए जाने के तौर पर देखा जा रहा है। छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। आंदोलन के दौरान सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी।
हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों की ओर से CBI जांच की मांग अभी भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। सरकार के फैसले के बाद छात्रों की अगली रणनीति पर नजर है। छात्र नेताओं ने परीक्षा रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आने की गारंटी की मांग की है।
सरकार के इस फैसले से JSSC-CGL में शामिल अभ्यर्थियों और TDPL के माध्यम से हुई अन्य भर्तियों पर भी व्यापक असर पड़ेगा। अब जांच के निष्कर्ष और नई परीक्षा-भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार के अगले कदम महत्वपूर्ण होंगे।