देश की स्वतंत्रता की रक्षा तभी संभव है, जब हर नागरिक दूसरे की स्वतंत्रता का सम्मान करे : बीएन साह
रामगढ़, 16 अगस्त: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राधा गोविंद पब्लिक स्कूल, रामगढ़ में शनिवार को हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई। इसके बाद विद्यालय के चेयरमैन एवं अतिथियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत कर अनुशासन और देशभक्ति का परिचय दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के संस्थापक स्वर्गीय गोविंद साह एवं स्वर्गीय राधा देवी के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
राधा गोविंद इंटर कॉलेज की प्राचार्या सोमा पांडे ने अतिथियों का स्वागत भाषण किया। समारोह में मुख्य अतिथि शिक्षाविद् सुबोध कुमार मिश्रा, वीणा मिश्रा, Apson Global India, Delhi के CEO संजीव मिश्रा तथा शिक्षाविद् निखिल कुमार का पौधा, स्मृति चिह्न एवं शाल भेंट कर सम्मान किया गया।
इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम को जीवंत किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
विद्यालय के अध्यक्ष बीएन साह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “देश की स्वतंत्रता की रक्षा तभी संभव है, जब हर नागरिक दूसरे की स्वतंत्रता का सम्मान करे।” उन्होंने कहा कि अनुशासन, संस्कार और देशप्रेम का समन्वय ही मजबूत एवं विकसित भारत का निर्माण करेगा। विद्यार्थियों से उन्होंने केवल अच्छा विद्यार्थी बनने के बजाय एक जिम्मेदार और अच्छा नागरिक बनने का प्रयास करने का आह्वान किया।
समारोह का धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रशासक केएन सिंह ने किया। मंच संचालन विद्यालय की छात्राएं कुमकुम कुमारी, प्रतीक्षा कुमारी, सुकृति कुमारी, अनुष्का श्रीवास्तव एवं अनन्या पांडे ने किया।
मौके पर विद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी, राधा गोविंद शिक्षा स्वास्थ्य ट्रस्ट की सदस्य फूलमती साह, अजय कुमार, प्राचार्य डॉ. सुजीत कुमार मोहंती, मीडिया प्रभारी (RGसवादं) प्रोफेसर संजय सिंह, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।