रांची/हजारीबाग, 21 जुलाई: झारखंड के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने राज्य की सियासत में बड़ा बयान देते हुए कांग्रेस से झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार को दिया गया समर्थन तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा गठबंधन सरकार में कांग्रेस की अनदेखी की जा रही है और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं हो रहा है।
योगेंद्र साव ने कहा कि यदि कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व और कार्यकर्ताओं के सम्मान को बनाए रखना चाहती है तो उसे जेएमएम के साथ गठबंधन पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार की कार्यप्रणाली से कांग्रेस को अपेक्षित राजनीतिक लाभ नहीं मिल रहा है और गठबंधन के भीतर लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि योगेंद्र साव हाल ही में कांग्रेस में वापस लौटे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था, जिसे बाद में कांग्रेस ने वापस ले लिया। उनकी वापसी के बाद यह बयान झारखंड की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव और गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर पहले से चल रही खींचतान के बीच योगेंद्र साव का यह बयान महागठबंधन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, कांग्रेस और जेएमएम की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।