नई दिल्ली, 22 जून: केंद्र सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए नए नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सरकार द्वारा लागू किए गए “एक घर, एक गैस कनेक्शन” नियम के तहत ऐसे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जा सकती है जिनके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन चालू होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन भी सक्रिय है। निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर एलपीजी कनेक्शन निलंबित या बंद किया जा सकता है।
सरकार के अनुसार जिन घरों में PNG की सुविधा उपलब्ध और सक्रिय है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करने या निर्धारित प्रक्रिया के तहत ट्रांसफर वाउचर लेने का विकल्प दिया गया है। PNG कनेक्शन मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर तेल विपणन कंपनियां संबंधित एलपीजी कनेक्शन को ब्लॉक या रद्द कर सकती हैं।
तेल कंपनियां देशभर में एलपीजी और PNG उपभोक्ताओं के डाटाबेस का मिलान कर दोहरे कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की पहचान कर रही हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य एलपीजी की अनावश्यक खपत, जमाखोरी और दुरुपयोग को रोकना तथा गैस आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
हालांकि सरकार ने कुछ मामलों में राहत भी दी है। यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी, सुरक्षा या बुनियादी ढांचे की वजह से PNG की नियमित आपूर्ति संभव नहीं है, तो ऐसे उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन जारी रख सकते हैं। इसके अलावा अधिकृत व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को भी विशेष प्रावधानों के तहत छूट दी गई है।
इसके साथ ही गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर OTP आधारित सिलेंडर डिलीवरी व्यवस्था को भी अनिवार्य किया गया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपना मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में अपडेट रखें और नए नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में गैस आपूर्ति बाधित न हो।