भोपाल, 12 जून: मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा जमाते हुए बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की है। भाजपा के उम्मीदवार राजनेश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक कोई अन्य वैध उम्मीदवार मैदान में नहीं रहने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने तीनों को जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया।
यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के दौरान रद्द कर दिया गया था। उन पर तेलंगाना में दर्ज एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं देने का आरोप लगाया गया था। भाजपा की आपत्ति के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद सामान्यतः न्यायिक हस्तक्षेप नहीं किया जाता। हालांकि, याचिका पर सुनवाई जारी रखने की बात कही गई है।
मध्य प्रदेश में पहले यह माना जा रहा था कि भाजपा दो और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है, लेकिन भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारने और बाद में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने से पूरा समीकरण बदल गया। अंततः भाजपा ने राज्य की सभी तीनों सीटों पर कब्जा कर लिया।
इस जीत को भाजपा की रणनीतिक सफलता और कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा में भाजपा की संख्या बढ़ने के साथ ही पार्टी की संसदीय ताकत और मजबूत हुई है।