रांची, 9 अक्टूबर 2025: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को झारखंड हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने चाईबासा की एमपी-एमएलए विशेष अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें 2018 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मानहानि मामले में राहुल गांधी के खिलाफ संज्ञान लिया गया था। इस फैसले ने लंबे समय से चल रहे इस मामले को लगभग समाप्त कर दिया।
यह मामला अप्रैल 2018 का है, जब राहुल गांधी ने चाईबासा में एक चुनावी सभा में अमित शाह पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। बीजेपी नेता प्रताप कटियार ने इसके खिलाफ चाईबासा कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज की। अप्रैल 2022 में जमानती और फरवरी 2024 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ। मार्च 2024 में निचली अदालत ने राहुल को सशरीर पेश होने का आदेश दिया। व्यक्तिगत पेशी से छूट की याचिका खारिज होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अप्रैल 2024 में कार्यवाही पर रोक लगी, और अगस्त 2025 में चाईबासा कोर्ट ने सशर्त जमानत दी। अब हाईकोर्ट ने संज्ञान आदेश रद्द कर दिया।
कांग्रेस ने इसे “न्याय की जीत” बताया, जबकि बीजेपी ने कोर्ट के फैसले का सम्मान जताया। यह राहुल के लिए बड़ी राहत है, जो उनकी राजनीतिक सक्रियता को बल देगी।