रांची, 29 अक्टूबर 2025: केंद्र सरकार ने झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है। खूंटी, जामताड़ा, धनबाद और गिरिडीह जिलों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर चार नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय 28 अक्टूबर को नई दिल्ली में वित्तीय मामलों के विभाग (DEA) की बैठक में लिया गया।
बैठक में झारखंड स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इन कॉलेजों से एमबीबीएस सीटों में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और रोजगार सृजन होगा। पीपीपी मॉडल से निजी निवेश के साथ तेजी से निर्माण और संचालन संभव हो सकेगा, जिससे सरकारी खजाने पर बोझ कम पड़ेगा।
यह कदम राज्य सरकार की लंबी योजना का हिस्सा है। जुलाई 2025 में धनबाद, देवघर, खूंटी, गिरिडीह, जमशेदपुर और जामताड़ा में अपग्रेडेशन की सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। सितंबर में छह जिलों पर चर्चा हुई, जबकि मार्च 2025 के बजट में सात जिलों (रांची सहित) के लिए प्रस्ताव था। अब इन चार जिलों को प्राथमिकता दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, “ये कॉलेज दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी दूर करेंगे। रिम्स विस्तार, नए फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों के साथ मिलकर स्वास्थ्य क्रांति आएगी।”
अब भूमि चयन, निविदा और निजी साझेदारों की प्रक्रिया शुरू होगी। अगले दो साल में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। यह झारखंड को स्वास्थ्य हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।