रांची, 27 अक्टूबर 2025: झारखंड में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो दिनेश गोप को सरेंडर कराने के बहाने गुजरात के नंदलाल स्वर्णकार से 48 लाख रुपये ठग लिए गए। जांच एजेंसियों की पूछताछ में यह खुलासा हुआ।
ठगों ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जुड़े अधिकारी बताया। नंदलाल ने दिल्ली के नवीनभाई पटेल के जरिए पीएलएफआई सदस्य चंद्रशेखर से संपर्क किया। सुमंत कुमार और जितेंद्र कुमार दिल्ली पहुंचे। हवाला से 48 लाख रुपये पानीपत से भेजे गए। कमीशन काटकर 43 लाख नकद होटल अशोक में सौंपे गए, लेकिन सरेंडर नहीं हुआ।
दिनेश गोप पर 102 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मई 2023 में एनआईए ने नेपाल से उसे गिरफ्तार किया। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग में जेल भेजा। हाल ही में 20 करोड़ की लेवी वसूली का आरोप-पत्र दायर हुआ।
पुलिस और ईडी अब ठगों के नेटवर्क की जांच कर रही है। यह मामला नक्सली सरेंडर के नाम पर ठगी के खतरे को उजागर करता है।