जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामला: सरकार का दावा- कोई सबूत नहीं

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रांची, 16 अक्टूबर 2025: झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की CGL परीक्षा 2023 के कथित पेपर लीक मामले में झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि CID जांच में लीक का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। यह मामला 6.5 लाख से अधिक उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ा है, जो 2,025 सरकारी पदों के लिए परीक्षा दे चुके हैं।

15 अक्टूबर की सुनवाई में महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि CID ने 54 सबूतों (व्हाट्सएप, ईमेल) की जांच की, लेकिन फोरेंसिक विश्लेषण में लीक की पुष्टि नहीं हुई। कुछ लोग फर्जी पेपर बेचकर धोखाधड़ी कर रहे थे, जिसके लिए तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई। DGP अनुराग गुप्ता ने दावा किया कि लीक की शिकायतें झूठी थीं। कोर्ट ने CID को 29 अक्टूबर तक अंतिम रिपोर्ट पेश करने और तब तक सितंबर 2024 की दोबारा परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाने का आदेश दिया।

जनवरी 2024 में GK पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द हुई थी। सितंबर 2024 की दोबारा परीक्षा में 3 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए, लेकिन इंटरनेट बंद करने और गड़बड़ियों के आरोपों से विवाद बढ़ा। याचिकाकर्ता प्रकाश कुमार ने CBI जांच की मांग की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। X पर कुछ यूजर्स सरकार पर लीपापोती का आरोप लगा रहे हैं। अगली सुनवाई में जांच रिपोर्ट निर्णायक होगी।