झारखंड में राशन घोटाले पर सख्त कार्रवाई: 2.58 लाख मृत लाभुकों के राशन कार्ड रद्द

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रांची, 14 अक्टूबर 2025: झारखंड सरकार ने जन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर करते हुए मृत लाभुकों के नाम पर राशन वितरण रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग ने 2.58 लाख राशन कार्ड रद्द किए हैं, जिनमें से अधिकांश मृत व्यक्तियों के नाम पर थे। कुल 6.12 लाख संदिग्ध नामों की जांच जारी है, जिनमें मृतक, अपात्र, और दोहरे लाभ लेने वाले शामिल हैं। इस कार्रवाई से हर महीने 10-11 लाख किलोग्राम राशन की बर्बादी रुकी है।

केंद्र सरकार द्वारा मई 2025 में दी गई 2.54 लाख मृतक लाभुकों की सूची के आधार पर अभियान शुरू हुआ। अब तक 1.44 लाख नाम राशन कार्डों से हटाए गए, जो कुल रद्द कार्डों का 57% है। धनबाद (12,561), दुमका (11,581), रांची (11,169), और पूर्वी सिंहभूम (9,038) में सबसे अधिक कार्ड रद्द हुए। सितंबर-अक्टूबर 2025 में स्मार्ट PDS और ई-पॉस मशीनों के जरिए 47,863 अतिरिक्त कार्ड रद्द किए गए।

यह कार्रवाई मईया सम्मान योजना को भी प्रभावित कर रही है, जिसमें राशन कार्ड से जुड़े लाभुकों को ₹2,500 मासिक सहायता मिलती है। कुछ जीवित लाभुकों के नाम गलती से हटने की शिकायतों पर विभाग ने अपील प्रक्रिया शुरू की है। लाभुक झारखंड खाद्य विभाग की वेबसाइट (jfpd.jharkhand.gov.in) पर स्टेटस जांच सकते हैं। नए पात्र परिवारों को जोड़ा जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को लाभ मिले। यह कदम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।