सीयूजे में पुस्तक प्रदर्शनी का समापन: शोध और पठन-पाठन को मिला नया आयाम

Spread the News

रांची, 9 अक्टूबर 2025: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी 9 अक्टूबर को समाप्त हुई। 8 और 9 अक्टूबर को आयोजित इस प्रदर्शनी में 100 से अधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों ने हिस्सा लिया, जिनमें एल्सेविएर, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, सेज, पीयरसन और रूटलेज जैसे नाम शामिल थे। 20 से अधिक स्टॉल्स पर विभिन्न विषयों की पुस्तकें प्रदर्शित की गईं, जो विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी साबित हुईं।

प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया के युग में पुस्तकों का महत्व और भी बढ़ गया है। ये ज्ञान का अपार भंडार हैं, जो न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों को व्यक्तिगत रूप से लाभान्वित करेंगी, बल्कि देश में शोध और नवाचार को भी नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगी।” उन्होंने पुस्तकालय टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय को एक जीवंत शिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजन संयोजक और पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री से जोड़ना था। उन्होंने कहा, “विद्यार्थी और शिक्षक अपनी पसंद की किताबों की अनुशंसा कर सकते हैं, जिन्हें पुस्तकालय द्वारा खरीदा जाएगा।”

उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. शंभु राज उपाध्याय ने बताया कि प्रदर्शनी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप पुस्तकों को विशेष महत्व दिया गया। इस अवसर पर प्रो. कुंज बिहारी पंडा, प्रो. भगवान सिंह, प्रो. एके पाधी, डॉ. सौमेन डे और डॉ. नागपवन चिंतालपति सहित कई गणमान्य शिक्षक उपस्थित रहे।

यह प्रदर्शनी न केवल शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने में सफल रही, बल्कि विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।