नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2025: भारत निर्वाचन आयोग ने आज विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा की। 243 सीटों वाले इस चुनाव को केवल दो चरणों में संपन्न करने का फैसला लिया गया है। पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। वोटों की गिनती 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। यह शेड्यूल वर्तमान विधानसभा के 22 नवंबर को समाप्त होने वाले कार्यकाल को ध्यान में रखा गया है, ताकि नई सरकार समय पर सत्ता संभाले।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि छठ महोत्सव के बाद चुनाव कराने की दलों की मांग स्वीकार की गई, जिससे प्रवासी बिहारियों की घर वापसी आसान होगी। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत 24 जून से चल रहे मतदाता सूची संशोधन में 7 लाख नए वोटर जुड़े हैं। 2020 के 57% मतदान के मुकाबले 70% से अधिक का लक्ष्य है। आयोग ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तुरंत लागू करने और फर्जी वोटर आईडी पर सख्ती का ऐलान किया।
राजनीतिक हलचल तेज हो गई। एनडीए के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे “विकास की जीत” बताया, वादा किया लाखों नौकरियां देने का। बीजेपी ने “बसंत का मौसम” का नारा दिया। महागठबंधन के तेजस्वी यादव ने कहा, “20 सालों की उपेक्षा का हिसाब बिहार लेगा।” प्रशांत किशोर की जन सुराज सभी 243 सीटों पर लड़ेगी, ‘राइट टू रिकॉल’ वादा कर।
चुनावी जंग के केंद्र में बेरोजगारी, युवा पलायन, जातिगत समीकरण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण रहेंगे। पटना मेट्रो उद्घाटन आज ही विकास बहस को गर्माएगा। क्या बिहार ‘जंगलराज’ या ‘विकास राज’ चुनेगा?