रांची 30 सितंबर: रांची के सदर अस्पताल में 26 और 28 सितंबर को चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हुई बदसलूकी, अपशब्दों और मारपीट की घटनाओं के खिलाफ झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विस एसोसिएशन (झासा), रांची ने सोमवार को आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में इन घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की गई और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। झासा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
झासा के पदाधिकारियों ने रांची के सिविल सर्जन और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक से भेंट कर अपनी मांगें प्रस्तुत कीं। इनमें अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति और सीसीटीवी निगरानी का विस्तार शामिल है। अधिकारियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों के साथ बार-बार हो रहे दुर्व्यवहार की जानकारी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव, हाई कोर्ट रजिस्ट्रार, जिला प्रशासन और मीडिया तक पहुंचाई जाएगी। घटना के बाद हड़ताल की योजना थी, लेकिन त्योहारी मौसम को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया। झासा ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।