रांची, 25 सितंबर 2025: झारखंड के कांके ब्लॉक में हुए जमीन घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को रांची और दिल्ली के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 60 लाख रुपये नकद, जमीन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। अब कांके रिसॉर्ट के मालिक बीके सिंह और उनके सहयोगियों से पूछताछ होगी। यह घोटाला छोटानागपुर टेनेंसी (CNT) एक्ट के तहत संरक्षित आदिवासी जमीनों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने से जुड़ा है, जिसमें सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत का शक है।
ईडी ने रांची के कांके रिसॉर्ट, रातू रोड, कदरू, बरियातू, अशोक नगर और दिल्ली में छापे मारे। जांच से पता चला कि कांके के चामा मौजा में आदिवासी जमीनों को “सामान्य प्लॉट” दिखाकर ऊंची कीमत पर बेचा गया। मुख्य आरोपी लैंड माफिया कमलेश कुमार सिंह और सहयोगी बीके सिंह के अलावा दुर्गा डेवलपर्स के अनिल कुमार झा भी जांच के दायरे में हैं।
जुलाई 2025 में CID ने इस मामले में केस दर्ज किया था। पूर्व कांके CO प्रवीण कुमार अग्रवाल, जो अब अप्रूवर बने हैं, की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हुई। पहले छापे में कमलेश सिंह के घर से 1 करोड़ रुपये और राइफल कारतूस मिले थे। ईडी की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चल रही है, जिससे लैंड माफिया और भ्रष्टाचार की परतें उजागर हो रही हैं। यह जांच झारखंड में आदिवासी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा संदेश देगी।