झारखंड में कुड़मी समाज का रेल रोको आंदोलन: 100 स्टेशनों पर जाम, यातायात ठप

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रांची, 20 सितंबर 2025: झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कुड़मी समाज का अनिश्चितकालीन “रेल टेका-डहर छेका” आंदोलन आज सुबह से शुरू हो गया। समाज ने अनुसूचित जनजाति दर्जा और कुड़माली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर 100 रेलवे स्टेशनों पर रेल परिचालन ठप करने की तैयारी की है। मुरी, गोमो, सिल्ली, राय, नीमडीह, सोनुआ जैसे स्टेशनों पर हजारों प्रदर्शनकारी पटरी पर उतरे, जिससे रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। रांची रेल मंडल ने 9 ट्रेनें रद्द और 8 के रूट बदले, जबकि चक्रधरपुर मंडल में 40 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हैं।

कुड़मी समाज का दावा है कि 1931 की जनगणना में उन्हें ST में शामिल किया गया था, लेकिन 1950 में हटा दिया गया, जिससे वे आरक्षण से वंचित हैं। यह आंदोलन 2022 से चल रहा है। प्रशासन ने रांची, धनबाद, सरायकेला-खरसावां में धारा 144 लागू की और भारी आरपीएफ तैनात की। कलकत्ता हाईकोर्ट ने आंदोलन को “अवैध” घोषित किया, लेकिन झारखंड में प्रदर्शन तेज हैं। आजसू ने समर्थन दिया, जबकि आदिवासी संगठन विरोध में हैं। जानकारी के मुताबिक, राय और नीमडीह में प्रदर्शनकारी जमा हैं। नेता छोटेलाल महतो ने इसे शांतिपूर्ण बताया।