हजारीबाग, 16 सितंबर 2025: झारखंड के निलंबित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को हजारीबाग की एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सेवायत भूमि घोटाले से जुड़े एक मामले में उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। निलंबित आईएएस चौबे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं, और इस फैसले के बाद उनकी रिमांड अवधि जारी रहेगी।
एसीबी की जांच में चौबे पर हजारीबाग में सरकारी (सेवायत) भूमि से संबंधित अवैध कब्जे और दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप है। इस घोटाले से राज्य को लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। जांच में अन्य अधिकारियों और बिचौलियों के शामिल होने की भी बात सामने आई है। कोर्ट में 13 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान एसीबी और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गई थीं। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए आज जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट का कहना है कि चौबे को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है और साक्ष्य नष्ट होने का खतरा है।
2003 बैच के आईएएस अधिकारी विनय चौबे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। मई 2025 में उन्हें 129 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर नई शराब नीति और फर्जी बैंक गारंटी के जरिए टेंडर हेरफेर का आरोप था। झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज की थी, लेकिन बाद में डिफॉल्ट बेल मिली। हालांकि, हजारीबाग भूमि घोटाले में नई गिरफ्तारी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
चौबे के वकील ने गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए थे, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब उनके पास हाईकोर्ट में अपील का विकल्प है। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत यह मामला चर्चा में है। जांच एजेंसियां अन्य आरोपियों से भी पूछताछ कर रही हैं, और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।