रजरप्पा, 17 अगस्त 2025: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थियों को रविवार को रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट दामोदर नदी में विसर्जित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता को आंसुओं के साथ अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ उनके छोटे भाई बसंत सोरेन, पत्नी कल्पना सोरेन और दोनों पुत्र भी उपस्थित थे। स्थानीय पाहन ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की।
हेमंत सोरेन ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा को अंतिम जोहार… दिशोम गुरुजी की पवित्र अस्थियों को रजरप्पा की पावन दामोदर नदी में प्रवाहित किया गया। प्रकृति के सपूत अब प्रकृति में लीन हो गए।” उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन और संघर्ष झारखंड के लोगों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
अस्थि विसर्जन के पश्चात हेमंत ने मंदिर परिसर के बाहर जरूरतमंदों के बीच वस्त्र, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया, जो उनके पिता की आत्मा की शांति के लिए दान का हिस्सा था।
गौरतलब है कि शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार 5 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ था। शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन को दिशा दी और राज्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उनकी विदाई के इस मौके पर हजारों लोग भावुक हो उठे और उनके योगदान को याद किया।