रांची, 12 अगस्त 2025: झरिया के पूर्व बीजेपी विधायक संजीव सिंह को सोमवार, 11 अगस्त 2025 को रांची के रिनपास (रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज) से डिस्चार्ज कर दिया गया। संजीव सिंह धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या के मामले में 11 अप्रैल 2017 से न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त 2025 को उन्हें सशर्त जमानत दी थी, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश जारी किया।
जमानत की शर्तों के अनुसार, संजीव सिंह को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक धनबाद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है, सिवाय कोर्ट में पेशी के लिए। वे फिलहाल रांची में रहेंगे और गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने पर सख्त पाबंदी है। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ (न्यायमूर्ति बीआर गवई, विनोद चंद्रन और एनबी अंजारिया) ने उनके वकीलों की दलीलों पर विचार करते हुए यह जमानत मंजूर की।
गौरतलब है कि 21 मार्च 2017 को धनबाद के स्टील गेट इलाके में नीरज सिंह, उनके दो अंगरक्षकों और एक ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में संजीव सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। उनकी जमानत याचिका पहले निचली अदालत और झारखंड उच्च न्यायालय में कई बार खारिज हो चुकी थी।
यह मामला धनबाद की सियासत में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है, और संजीव सिंह की रिहाई से स्थानीय स्तर पर नई चर्चाओं को बल मिल सकता है। हालांकि, कोर्ट की शर्तों के तहत उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।