पटना, 3 अगस्त 2025: बिहार के नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव दो वोटर आईडी रखने के आरोप में फंस गए हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे बिहार की सियासत में हंगामा मच गया है। यह विवाद आगामी विधानसभा चुनाव से पहले RJD के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
मामला तब शुरू हुआ जब तेजस्वी ने 1 अगस्त को दावा किया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है। उन्होंने EPIC नंबर RAB2916120 साझा किया, जो रिकॉर्ड में नहीं मिला। चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि उनका नाम EPIC नंबर RAB0456228 के साथ सूची में है, जिसका इस्तेमाल 2015 और 2020 के चुनावों में हुआ था।
आयोग ने दूसरे EPIC नंबर के रिकॉर्ड न मिलने पर इसे संदिग्ध माना और जांच शुरू की। एक व्यक्ति का दो वोटर आईडी रखना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत अपराध है, जिसमें एक साल की जेल या जुर्माना हो सकता है।
एनडीए ने इसे “चुनावी घोटाला” करार दिया। सम्राट चौधरी ने कहा, “यह जालसाजी है, FIR दर्ज हो।” नीरज कुमार ने वोटिंग अधिकार निलंबन की मांग की। तेजस्वी ने इसे बीजेपी-जेडीयू की साजिश बताया, लेकिन अभी जवाब नहीं दिया।
RJD ने मतदाता सूची से 65 लाख नाम हटाने को साजिश बताया। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है। यदि आरोप सिद्ध हुए, तो तेजस्वी और RJD के लिए कानूनी व राजनीतिक संकट गहरा सकता है।