पटना, 2 अगस्त 2025: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। तेजस्वी ने दावा किया था कि SIR प्रक्रिया गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के मतदाताओं को निशाना बनाकर उनकी वोटिंग अधिकारों को कमजोर कर रही है, इसे “वोट चोरी” और “पिछले दरवाजे से NRC” की साजिश बताया।
आयोग ने इन आरोपों को “निराधार” और “गैर-जिम्मेदाराना” करार देते हुए कहा कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी है, जिसका मकसद मतदाता सूची से अवैध नाम हटाना है। आयोग ने तेजस्वी से ठोस सबूत मांगे, पर कोई पुख्ता प्रमाण न मिलने पर उनके दावों को भ्रामक बताया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLOs) नियमों के तहत काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा कि आयोग केवल नागरिक मतदाताओं को सुनिश्चित कर रहा है। NDA ने इसे विपक्ष की हताशा बताया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है। आयोग ने सभी से बिना सबूत आरोप न लगाने और निष्पक्ष चुनाव के लिए सहयोग की अपील की। जनता से भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने का अनुरोध किया गया।