कोडरमा/बेंगलुरु, 31 जुलाई 2025: झारखंड के कोडरमा जिले की रहने वाली 30 वर्षीय शमा परवीन को गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। शमा पर अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के आतंकी मॉड्यूल की मुख्य संचालिका होने का आरोप है। वह सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक, के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और युवाओं को भड़काने में शामिल थी।
गुजरात ATS के अनुसार, शमा परवीन बेंगलुरु के हेब्बल इलाके में किराए के मकान में अपने छोटे भाई के साथ रह रही थी। उसका इंस्टाग्राम अकाउंट, जिसके 14,000 से अधिक फॉलोअर्स थे, और दो फेसबुक पेज ‘Strangers of The Nation’ और ‘Strangers of The Nation 2’ के जरिए वह जिहादी सामग्री और भड़काऊ भाषण साझा करती थी। इनमें अल-कायदा के नेताओं जैसे मौलाना आसिम उमर और अनवर ओलाकी के वीडियो शामिल थे, जो धार्मिक आधार पर हिंसा और भारत सरकार के खिलाफ सशस्त्र क्रांति को उकसाते थे।
गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी ने इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि शमा के पाकिस्तानी संपर्कों का खुलासा उसके डिजिटल उपकरणों से मिले साक्ष्यों से हुआ है। ATS के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि 22 जुलाई को चार अन्य आतंकियों मोहम्मद फैक (दिल्ली), मोहम्मद फरदीन (अहमदाबाद), सैफुल्लाह कुरैशी (मोडासा), और जीशान अली (नोएडा) की गिरफ्तारी के बाद शमा का नाम सामने आया। इनसे पूछताछ में पता चला कि शमा पांच इंस्टाग्राम अकाउंट्स के जरिए आतंकी नेटवर्क को संचालित कर रही थी।
शमा की गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस ने कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र के असनाबाद स्थित उसके पैतृक घर पर जांच शुरू की। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि शमा का परिवार पिछले 12 साल से बेंगलुरु में रह रहा है, और उनके दो मंजिला मकान में अब किरायेदार रहते हैं। पड़ोसियों के अनुसार, शमा सामान्य जीवन जीती थी और नियमित नमाज पढ़ती थी, जिसके चलते उसकी गतिविधियों पर किसी को संदेह नहीं हुआ।
ATS अब शमा से पूछताछ कर उसके नेटवर्क, संभावित फंडिंग, और अन्य सहयोगियों का पता लगाने में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल भारत में धार्मिक उन्माद और हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा था। शमा को बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर अहमदाबाद ले जाया गया है।
यह गिरफ्तारी आतंकी संगठनों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। झारखंड में पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं, और यह घटना राज्य में आतंकी नेटवर्क की गहराई को उजागर करती है।