भाजपा में शामिल हुए आप के आठ विधायक

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आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले आठ विधायक शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। इनमें पालम से दो बार से मौजूदा विधायक भावना गौड़, कस्तूरबा नगर से तीन बार से विधायक रहे मदन लाल, मादीपुर से तीन बार के विधायक गिरीश सोनी, जनकपुरी से दो बार के विधायक चुने गए राजेश ऋषि, बिजवासन से विधायक भूपेंद्र जून, महरौली से दो बार के विधायक नरेश यादव, आदर्श से दो बार के विधायक रहे पवन शर्मा, त्रिलोकपुरी से युवा विधायक रोहित मेहरौली शामिल हैं। इसके अलावा खादी बोर्ड के चेयरमैन और राजेंद्र नगर से पूर्व विधायक विजेंद्र गर्ग, निगम पार्षद अजय राय, पालम विधानसभा के अध्यक्ष संदीप चौधरी अपने समर्थकों के भाजपा में शामिल हुए।

चुनाव के बीच आप को झटके पर झटका लगा रहा है। जिन विधायकों का आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने टिकट काटा है वो सभी बगावती तेवर अख्तियार करते हुए भाजपा में शामिल हो गए है। मंच से उन्होंने आप प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव प्रचार में भी उतरने का वादा करते हुए भाजपा के पक्ष में प्रचार करने का एलान किया। प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में सभी नेता शामिल हुए। पांडा ने कहा कि अब दिल्ली की बारी आप-दा से मुक्त होने की है। पिछले 12 सालों से झूठे वायदे करके केजरीवाल ने दिल्ली वालों को ठगा है। भरोसो का गला घोंटा गया है।

किसी को नहीं दिया था आप ने टिकट

24 घंटे पहले ही इन सभी ने आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार और भेदभाव का आरोप लगाकर पार्टी से इस्तीफा दिया था। इन सभी को आप से टिकट नहीं मिला था, जिसकी वजह से ये सभी नाराज चल रहे थे। जबकि आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि इन विधायकों पर भाजपा और कांग्रेस ने दबाव बनाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हैं त्यागपत्र 

पार्टी से इस्तीफा देने वाले अधिकांश विधायकों के त्यागपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हैं। इस्तीफा देने वाले कस्तूरबा नगर से विधायक मदन लाल का कहना था कि उन्होंने छह अन्य विधायकों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को अपने त्यागपत्र भी भेज दिए हैं। मदन लाल के अलावा इस्तीफा देने वाले आप विधायकों में भावना गौर (पालम), नरेश यादव (महरौली), रोहित महरौली (त्रिलोकपुरी), पवन शर्मा (आदर्श नगर), बीएस जून (बिजवासन) और राजेश ऋषि (जनकपुरी), गिरीश सोनी (मादीपुर) शामिल हैं। इनका दावा है कि पार्टी और उसके नेताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। जबकि वे वर्षों से ईमानदारी से काम कर रहे हैं।

विधायक ने की आलोचना

सात विधायक के इस्तीफे पर दिलीप पांडे और ऋतुराज झा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें भी इस बार टिकट नहीं दिया, लेकिन वह पार्टी नहीं छोड़ रहे। वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। झा ने कहा कि केजरीवाल ने उन्हें सब कुछ दिया और उन्हें 10 साल तक किरारी का विधायक बनाए रखा। आने वाले दिनों में उन्हें और जिम्मेदारियां दी जाएंगी।

भाजपा-कांग्रेस बना रही दबाव

आप विधायकों के इस्तीफा देने के बाद दो अन्य विधायक ऋतुराज झा और दिलीप पांडे मीडिया के सामने आए। इन दोनों विधायकों को भी इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। दोनों विधायकों ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर कहा कि भाजपा और कांग्रेस द्वारा पद का लालच देकर आम आदमी पार्टी छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। झा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से भाजपा के लोग मुझे लगातार संपर्क कर रहे थे और कई तरह के प्रलोभन दे रहे थे कि आपको ये बना देंगे। दिलीप पांडे ने कहा कि मैं आम आदमी पार्टी में था, हूं और आगे भी रहूंगा।