रांची, 05 सितंबर: झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की स्मृति को स्थायी रूप देने की दिशा में राज्य के सभी जिलों में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी तक सभी जिलों में प्रतिमा स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। 11 जनवरी को शिबू सोरेन की जयंती भी मनाई जाती है। उनका जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था।
शिबू सोरेन के निधन के बाद उनकी पहली पुण्यतिथि पर 4 अगस्त 2026 को राज्य के सभी 24 जिलों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी दौरान विभिन्न जिलों में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की पहल भी सामने आई। पाकुड़ में उनकी प्रतिमा का अनावरण कर स्थल का नाम ‘दिशोम गुरु चौक’ रखा गया।
रामगढ़ के नेमरा स्थित लुकैयाटांड़ में शिबू सोरेन की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी पहली पुण्यतिथि पर किया था। यह स्थान उनके पैतृक क्षेत्र और झारखंड आंदोलन की उनकी विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा के खिलाफ संघर्ष से लेकर झारखंड अलग राज्य आंदोलन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्यसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वे झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे और आदिवासी समुदायों के अधिकारों एवं उत्थान की आवाज को मजबूती दी।
सभी जिलों में प्रतिमा स्थापित होने से शिबू सोरेन की राजनीतिक और सामाजिक विरासत को सार्वजनिक स्थलों पर स्थायी पहचान मिलने की उम्मीद है। 11 जनवरी को उनकी जयंती के अवसर पर इन प्रतिमाओं के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देने और उनके संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।