रामगढ़, 26 अगस्त: रामगढ़ स्थित मेसर्स श्रीराम पावर एंड स्टील फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से औद्योगिक एवं अग्नि-सुरक्षा मानकों के अनुपालन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जांच के आधार पर फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। साथ ही फैक्ट्री का उत्पादन एवं संचालन बंद करा दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी, रामगढ़ से प्राप्त पत्र के आधार पर जांच समिति की रिपोर्ट का अवलोकन किया गया। रिपोर्ट में ब्लास्ट फर्नेस स्थल पर अग्नि-सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्था में कई गंभीर कमियां पाई गईं। जांच के दौरान तीन डीसीपी और दो सीओ₂ अग्निशमन यंत्र खराब स्थिति में मिले। वहीं विद्युत पैनल बोर्ड के पास भी कोई अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। जांच समिति ने फैक्ट्री में निर्धारित अग्नि-सुरक्षा मानकों और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के अभाव को गंभीरता से दर्ज किया है।
जांच रिपोर्ट के आलोक में उपायुक्त ने कारखाना निरीक्षक, रामगढ़ को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष चार्जशीट दाखिल की गई है। मामले में अब संबंधित कानून एवं नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सक्षम प्राधिकार के माध्यम से लागू औद्योगिक एवं सुरक्षा अधिनियमों/नियमों के तहत फैक्ट्री का संचालन और उत्पादन बंद करा दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों और कामगारों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
फैक्ट्री में सामने आई सुरक्षा खामियों के बाद जिला प्रशासन ने जिले की अन्य औद्योगिक इकाइयों को लेकर भी व्यापक जांच का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने कारखाना निरीक्षक, श्रम अधीक्षक और अग्निशमन पदाधिकारी को अगले एक माह के भीतर जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों को फैक्ट्रियों में संचालन से जुड़े सभी निर्धारित मानकों, विशेषकर श्रमिक सुरक्षा और अग्नि-सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन की जांच करने को कहा गया है। जिन औद्योगिक इकाइयों में नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिवेदन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि श्रीराम पावर एंड स्टील की रामगढ़ जिले के कुजू क्षेत्र में औद्योगिक इकाई है और कंपनी के सार्वजनिक दस्तावेजों में यहां स्पंज आयरन तथा स्टील उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख है।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।