रांची, 30 जुलाई: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग ने कई अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जांच एजेंसी इन प्रतियों का आयोग के रिकॉर्ड में उपलब्ध OMR शीट से मिलान कर संभावित हेरफेर और गड़बड़ियों की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा के बाद अपनी OMR की कार्बन कॉपी सुरक्षित रखी थी, उनसे उसे CID को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जांच एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा में भरी गई OMR शीट और आयोग के रिकॉर्ड में मौजूद OMR शीट में किसी प्रकार का अंतर तो नहीं है।
गौरतलब है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने परिणामों में अनियमितता, OMR शीट में कथित छेड़छाड़ और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी। जांच के दौरान JPSC कार्यालय और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी पर छापेमारी की गई तथा कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया गया।
इसी क्रम में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से भी CID पूछताछ कर चुकी है। जांच का दायरा परीक्षा संचालन, OMR शीट की स्कैनिंग, डेटा प्रोसेसिंग और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया तक बढ़ा दिया गया है।
CID अब अभ्यर्थियों से प्राप्त OMR प्रतियों, जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड और आयोग के दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। यदि मिलान में किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है, तो जांच में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद परीक्षा से जुड़े विवादों पर स्थिति स्पष्ट होगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।