कोलकाता, 02 जून: पश्चिम बंगाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अपने दो विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने इस कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बताया है।
टीएमसी द्वारा जारी निष्कासन पत्र में कहा गया है कि दोनों विधायक पार्टी नेतृत्व द्वारा बुलाई गई बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहे और ऐसे कार्यों एवं बयानों में शामिल रहे जो पार्टी के हितों के प्रतिकूल माने गए। पार्टी की ओर से जारी आदेश पर वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य के हस्ताक्षर हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कार्रवाई विधानसभा में कथित ‘फर्जी हस्ताक्षर’ विवाद से जुड़ी घटनाओं के बाद हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों विधायकों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
निष्कासन के बाद संदीपन साहा ने पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नैतिकता की बात करने वालों को भी पार्टी विरोधी करार दिया जा रहा है। उनके इस बयान से टीएमसी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
इस बीच, टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पार्टी अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा और संगठन अपने कार्यकर्ताओं की ताकत पर आगे बढ़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के बीच टीएमसी नेतृत्व संगठन में अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।