झारखंड राज्यसभा चुनाव: नामांकन प्रक्रिया शुरू, गठबंधन राजनीति के समीकरणों पर सबकी नजर

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रांची, 02 जून: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही 1 जून से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। हालांकि पहले दिन किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। राज्य की दोनों प्रमुख राजनीतिक धाराएं-महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) और भाजपा-नीत एनडीए-अब तक अपने उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय नहीं ले सकी हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं और बैठकों का दौर तेज हो गया है।

राज्यसभा की ये सीटें झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन और भाजपा नेता दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हुई हैं। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

विधानसभा में महागठबंधन के पास झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाकपा (माले) को मिलाकर कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जो दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। वहीं भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा (रामविलास) के साथ एनडीए के पास 24 विधायक हैं। इसके बावजूद भाजपा ने चुनाव मैदान में उम्मीदवार उतारने का संकेत दिया है, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन में एक सीट पर झामुमो और दूसरी पर कांग्रेस की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। मुख्यमंत्री Hemant Soren लगातार सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। कांग्रेस खेमे में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर लॉबिंग तेज हो गई है और कई नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की है।

दूसरी ओर भाजपा ने भी संभावित उम्मीदवारों के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिए हैं। पार्टी नेतृत्व संख्या बल कम होने के बावजूद रणनीतिक तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटा है। इस बीच संभावित क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक जोड़तोड़ की आशंकाओं को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन सतर्क नजर आ रहा है।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी।