नई दिल्ली, 15 मई: देशभर में 20 मई को दवा दुकानों के बंद रहने की संभावना है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर 12.4 लाख से अधिक केमिस्ट और दवा विक्रेता राष्ट्रव्यापी बंद में शामिल होंगे। इस दौरान कई राज्यों में मेडिकल स्टोर, थोक दवा बाजार और फार्मास्यूटिकल वितरण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री, ई-फार्मेसी कंपनियों की भारी छूट और कोविड काल में लागू कुछ नियमों के दुरुपयोग के विरोध में यह बंद बुलाया गया है। संगठन का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जांच के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा और पारंपरिक दवा कारोबार दोनों पर असर पड़ रहा है।
AIOCD ने केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण, कोविड काल के अस्थायी प्रावधानों को समाप्त करने तथा सभी दवा विक्रेताओं के लिए समान नियम लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बड़ी कंपनियों की आक्रामक छूट नीति के कारण छोटे मेडिकल स्टोर आर्थिक संकट में हैं।
कई राज्यों के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संघों ने बंद को समर्थन दिया है। कर्नाटक, बिहार, असम, पंजाब, महाराष्ट्र और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में मेडिकल स्टोर बंद रखने की घोषणा की गई है। बिहार में भी थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं ने 20 मई को दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने की बात कही गई है ताकि मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना न करना पड़े। फिर भी सामान्य दवाओं की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से आवश्यक दवाएं पहले से खरीद लेने की सलाह दी है।