31 सीटों के नतीजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, कोर्ट ने कहा- नई याचिका दायर करें

Spread the News

नई दिल्ली, 12 मई: Trinamool Congress ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की 31 सीटों के परिणामों को चुनौती देते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी का दावा है कि इन सीटों पर हार का अंतर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान काटे गए वोटों से कम था, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। हालांकि, सुप्रीम Court ने TMC नेताओं को इस मामले में अलग से नई याचिकाएं दाखिल करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची शामिल थे, ने कहा कि यदि पार्टी यह साबित करना चाहती है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने का असर सीधे चुनाव परिणामों पर पड़ा है, तो इसके लिए औपचारिक अंतरिम आवेदन (IA) दाखिल करना होगा।

सुनवाई के दौरान TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि 31 विधानसभा क्षेत्रों में हार का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम है, जिनके नाम SIR प्रक्रिया में हटाए गए और जिनके मामले अभी भी अपील में लंबित हैं। उन्होंने एक सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पार्टी केवल 862 वोटों से हारी, जबकि 5,432 मतदाताओं के नाम हटाने का मामला अभी विचाराधीन है।

TMC ने अदालत में यह भी कहा कि राज्यभर में करीब 35 लाख वोटर डिलीशन मामलों की अपीलें लंबित हैं, जबकि भाजपा और TMC के बीच कुल वोटों का अंतर लगभग 32 लाख रहा। पार्टी का आरोप है कि SIR प्रक्रिया ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया है।

वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इस दलील का विरोध किया गया। आयोग ने कहा कि चुनाव परिणामों को चुनौती देने का उचित मंच चुनाव याचिका है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को नई याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने की अनुमति भी दी है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दल लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए।