कोलकाता, 02 मई: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान विवादास्पद घटनाओं के बाद राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार को दोबारा मतदान (री-पोलिंग) शुरू हो गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि सुरक्षा बलों की भारी तैनाती से पूरा इलाका कैंप में तब्दील नजर आ रहा है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर इन 15 बूथों पर मतदान प्रक्रिया दोहराई जा रही है। इनमें से अधिकांश बूथ दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, मालदा और कूचबिहार जिलों में स्थित हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले चरण के मतदान के दौरान इन बूथों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने, बूथ कैप्चरिंग और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं।
चुनाव आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF, BSF) की कई कंपनियों को तैनात किया है। हर मतदान केंद्र पर चप्पे-चप्पे पर जवान मुस्तैद हैं। ड्रोन से निगरानी की जा रही है और क्विक रिएक्शन टीम्स भी तैनात की गई हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राज्य सशस्त्र पुलिस की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई है।
मतदान शुरू होते ही कई केंद्रों पर महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर मतदाताओं में उत्साह दिखाई दे रहा है तो कहीं-कहीं पहले हुई घटनाओं को लेकर आक्रोश भी नजर आ रहा है।
त्रिनमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि दोबारा मतदान से उनकी पार्टी को फायदा होगा, जबकि भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र की जीत” बताया है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “जिन बूथों पर हिंसा और धांधली हुई थी, वहां अब निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा रहा है।”
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा और परिणाम घोषित होने के बाद आयोग आगे की कार्यवाही करेगा।
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी भय के मतदान केंद्रों पर पहुंचें और लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दें। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
यह दोबारा मतदान पूरे राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।