रामगढ़, 23 अप्रैल: उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और भुगतान प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग पिछले एक वर्ष में किए गए भुगतानों का मिलान कर निर्धारित समय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इसके लिए कोषागार पदाधिकारी को मानक प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भुगतान प्रक्रिया में बिना अनुमति कोई बदलाव नहीं किया जाए।
बैठक में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत नाजीर, बिलिंग क्लर्क एवं ऑपरेटर की अद्यतन जानकारी शनिवार तक देने को कहा गया। वेतन भुगतान केवल बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर करने तथा स्वीकृत बल के अनुरूप ही आवंटन मांगने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में विशेष जांच शिविर आयोजित करने की बात कही गई। साथ ही जीएसटी व आयकर जैसी कटौतियों को सीधे निर्धारित खातों में जमा कराने के निर्देश दिए गए। पीएफएमएस के तहत किए गए भुगतानों में 10 प्रतिशत लाभुकों का भौतिक सत्यापन भी अनिवार्य किया गया।