रामगढ़, 17 अप्रैल 2026: झारखंड उच्च न्यायालय के सख्त निर्देश पर रामगढ़ जिला प्रशासन ने गुरुवार को प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने 254 दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस अभियान से मंदिर परिसर को अतिक्रमण-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
जिला उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी के नेतृत्व में सुबह से शाम तक यह कार्रवाई चली। जेसीबी मशीनों ने वर्षों से मंदिर परिसर में बनी दुकानों को तोड़ दिया। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती थी और मंदिर की पवित्रता एवं सुंदरता प्रभावित हो रही थी।
यह कार्रवाई झारखंड उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका और अतिक्रमण वाद संख्या 01/2026 के तहत हुई। कोर्ट ने मंदिर परिसर के पुनर्विकास और अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश दिया था। प्रशासन ने 25 मार्च को दुकानदारों को नोटिस जारी किया और 15 अप्रैल तक खुद दुकानें हटाने का अल्टीमेटम दिया था। समय सीमा बीतने के बाद 16 अप्रैल को बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ।
कार्रवाई से सैकड़ों दुकानदारों का रोजगार छिन गया है। कई दुकानदार लंबे समय से यहां फल-सब्जी, प्रसाद, पूजा सामग्री और अन्य सामान की दुकानें चला रहे थे। उन्होंने पुनर्वास की मांग की है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी कोई ठोस योजना घोषित नहीं की गई है। स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी देखी गई। कुछ दुकानदारों का कहना है कि वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन बेरोजगारी का बोझ अब उनके परिवारों पर पड़ रहा है।
रजरप्पा धाम झारखंड का प्रमुख सिद्धपीठ है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। प्रशासन का दावा है कि अतिक्रमण हटने के बाद मंदिर क्षेत्र को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक बनाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
रामगढ़ डीसी ने कहा, “मंदिर की पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार की गई है।”
यह कार्रवाई राज्य में अतिक्रमण-मुक्त धार्मिक स्थलों को विकसित करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। आगे पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रतिनिधि और प्रशासन के बीच चर्चा जारी है।