हजारीबाग, 30 मार्च: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंबा गांव में रामनवमी के अवसर पर मंगला जुलूस देखने गई एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ हुई जघन्य घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
24 मार्च की शाम को जुलूस में शामिल हुई मासूम बच्ची घर नहीं लौटी। अगले दिन बुधवार को गांव के पास बांस की झाड़ियों में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। प्रारंभिक जांच और परिजनों के आरोप के अनुसार, अपराधियों ने पहले बालिका के साथ दुष्कर्म किया, फिर अत्यंत क्रूरता से हत्या कर दी। उसके चेहरे को भारी पत्थर से कुचल दिया गया ताकि पहचान न हो सके। निजी अंगों में लकड़ी या बांस का टुकड़ा डालने जैसी अमानवीय बर्बरता भी की गई।
परिवार और स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा। शव मिलने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस ने मामले में SIT गठित कर जांच शुरू की है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को लगाया गया है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ चल रही है, लेकिन मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
इस घटना पर भाजपा ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल और अन्य नेताओं ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और अपराधियों को फांसी की सजा की मांग की। भाजपा सहित विभिन्न पार्टियों ने आज 30 मार्च को “हजारीबाग बंद” का आह्वान किया है।
नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। महिला मोर्चा ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। अगर दोषी नहीं पकड़े गए तो आगे राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लिया है और झारखंड पुलिस को त्वरित कार्रवाई, फॉरेंसिक जांच और परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस समेत अन्य दलों ने भी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
इस निर्मम घटना ने पूरे समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि कब तक बच्चों, खासकर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी? परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी सजा दिलाई जाए।