धनबाद/रांची, 30 मार्च 2026: कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने नियमित कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब कोयला कर्मी घर बनाने, खरीदने या प्लॉट खरीदने के लिए अधिकतम 30 लाख रुपये तक का अग्रिम/लोन कंपनी से ले सकेंगे। पहले यह सीमा बहुत कम थी, जिससे कर्मचारियों को बैंक लोन पर निर्भर रहना पड़ता था।
कोल इंडिया प्रबंधन ने हाल ही में जारी सर्कुलर में इस योजना को और बेहतर बनाया है। नए नियमों के मुताबिक, कर्मचारी को 75 महीने का वेतन या 30 लाख रुपये, जो भी कम हो, उतनी राशि दी जाएगी। घर के विस्तार के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक का प्रावधान भी किया गया है।
पात्रता की शर्तें
• कर्मचारी को कम से कम 5 साल की नियमित सेवा पूरी करनी होगी।
• जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में 60 महीने (5 साल) से कम समय बचा है, उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा।
• केंद्र या राज्य सरकार की डेपुटेशन पर काम करने वाले कर्मी इस योजना से बाहर रहेंगे।
• अगर पति-पत्नी दोनों कोल इंडिया या उसकी सहायक कंपनियों (सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल आदि) में कार्यरत हैं, तो लोन केवल एक को ही दिया जाएगा।
• जमीन या घर परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर हो, तो लाभ नहीं मिलेगा।
श्रमिक संगठनों ने इस बढ़ोतरी का स्वागत किया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि इससे कर्मचारियों को बैंकों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकारी दर पर कम ब्याज पर लोन उपलब्ध होगा। इससे कोयला क्षेत्रों में रहने वाले कर्मियों के घर बनाने के सपने साकार होने की राह आसान हो गई है।
कोल इंडिया की बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सर्कुलर सभी सहायक कंपनियों को जारी कर दिया गया है। कर्मचारियों में इस खबर से खुशी की लहर है, खासकर झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अन्य कोलफील्ड क्षेत्रों में।
जो कर्मचारी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे अपने कंपनी के एचआर/पर्सनल विभाग या वेलफेयर सेक्शन से संपर्क करें। नवीनतम सर्कुलर, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी वहां उपलब्ध होगी। नियमों में छोटे बदलाव हो सकते हैं, इसलिए आधिकारिक सूचना जरूर चेक करें।
यह फैसला कोल इंडिया के कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब कोयला कर्मी अपने परिवार के लिए बेहतर आवास आसानी से बना सकेंगे।