रेस्टोरेंट बिल में ‘गैस चार्ज’ की मनमानी अब बंद! CCPA की सख्त चेतावनी: मेन्यू प्राइस + GST के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

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नई दिल्ली, 26 मार्च 2026:  केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण  ने होटलों और रेस्टोरेंट्स को साफ निर्देश दिया है कि खाने के बिल में ‘LPG चार्ज’, ‘गैस सरचार्ज’, ‘फ्यूल कॉस्ट रिकवरी’ या ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ जैसे कोई भी अतिरिक्त शुल्क अपने आप नहीं जोड़ा जा सकता। CCPA ने इसे अनुचित व्यापार प्रथा करार देते हुए चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

CCPA के मुख्य आयुक्त द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि मेन्यू में लिखी कीमत ही अंतिम कीमत होगी। उसमें केवल लागू GST (टैक्स) ही जोड़ा जा सकता है। गैस, बिजली या ईंधन जैसी रोजमर्रा की लागत को अलग से चार्ज के रूप में वसूलना गैर-कानूनी है, क्योंकि ये बिजनेस चलाने की सामान्य लागत का हिस्सा हैं।

हाल ही में कई रेस्टोरेंट्स ने LPG संकट का हवाला देकर बिल में 5% तक का अतिरिक्त ‘गैस चार्ज’ जोड़ना शुरू कर दिया था। उपभोक्ताओं की शिकायतें नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर पहुंचीं और मीडिया रिपोर्ट्स भी आईं। CCPA ने इसे सर्विस चार्ज की मनमानी से बचने का नया तरीका बताया। पहले सर्विस चार्ज को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए थे- वो वैकल्पिक है, जबरन नहीं लगाया जा सकता।

CCPA ने स्पष्ट किया कि इनपुट कॉस्ट जैसे LPG, बिजली आदि को मेन्यू प्राइस में पहले ही शामिल कर लिया जाना चाहिए। ग्राहकों को गुमराह करना या जबरन अतिरिक्त राशि वसूलना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन है।

• बिल मिलते ही ध्यान से जांचें। अगर कोई ‘गैस चार्ज’ या समान नाम का अतिरिक्त शुल्क दिखे तो तुरंत मैनेजर से इसे हटाने की मांग करें।

• अगर रेस्टोरेंट मना करे तो केवल मेन्यू अमाउंट + GST ही भुगतान करें और बिल की फोटो रख लें।

• शिकायत दर्ज करें: नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर 1915 पर कॉल करें या 8800001915 पर व्हाट्सएप करें। ऑनलाइन शिकायत के लिए consumerhelpline.gov.in या NCH ऐप का इस्तेमाल करें।

CCPA ने साफ कहा है कि ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी और उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट पर जुर्माना लग सकता है। यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बिलिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अब रेस्टोरेंट मालिकों को मेन्यू प्राइस में ही सारी लागत समायोजित करनी होगी।