हजारीबाग, 23 मार्च 2026: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके 8 सक्रिय सदस्यों को हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उरीमारी ओपी क्षेत्र बड़कागांव थाना में गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की साजिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त खबर मिलने पर चार थानों की संयुक्त टीम ने कोलियरी क्षेत्र के आसपास छापेमारी की। संदिग्धों को एक बोलेरो वाहन में सवार देखकर रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भागने लगे। पीछा करने पर वाहन अस्वा और गुड़कुवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद सभी 8 उग्रवादियों को दबोच लिया गया।
बरामद सामान में शामिल हैं:
• 2 इंसास राइफल
• 1 देसी पिस्टल
• 174 जिंदा कारतूस (विभिन्न कैलिबर के, जिसमें 5.56 mm और 7.62 mm शामिल)
• मोबाइल फोन और अन्य सामग्री
गिरफ्तार उग्रवादियों में सुनील मुंडा, वीरेंद्र मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, लालमोहन मुंडा, अनिल मुंडा, रवींद्र गंझू उर्फ रिंकू, सत्येंद्र गंझू उर्फ संतू और संजय मुंडा शामिल हैं। ये विभिन्न जिलों लातेहार, रामगढ़, चतरा, रांची और हजारीबाग से जुड़े थे। पूछताछ में पता चला कि ये लोग जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब-जोनल कमांडर दिनेश उर्फ रवि राम के निर्देश पर काम कर रहे थे। इनका मुख्य कार्य ठेकेदारों, व्यापारियों और कोयला माफिया से लेवी वसूली करना, धमकियां देना और क्षेत्र में दहशत फैलाना था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से TSPC के कई जिलों में फैले सक्रिय नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है। जांच में पता चला है कि ये उग्रवादी किसी बड़ी घटना की फिराक में थे, जिसे पुलिस की सतर्कता ने विफल कर दिया।
एसपी हजारीबाग ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड पुलिस उग्रवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस सफलता से स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों में राहत की लहर दौड़ गई है।