सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक बयानों पर भड़की अनुशासन समिति; कल हुआ था घर ध्वस्त
रांची, 20 मार्च 2026: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गठबंधन सरकार के खिलाफ उनके सोशल मीडिया पर दिए गए लगातार आपत्तिजनक बयानों के कारण ली गई है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की सिफारिश पर यह निर्णय लिया गया। पार्टी के नियमों (धारा-04) के उल्लंघन को आधार बनाते हुए योगेंद्र साव को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। रांची से जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि फेसबुक लाइव और अन्य प्लेटफॉर्म पर दिए गए बयान पार्टी अनुशासन के खिलाफ थे, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा।
योगेंद्र साव, जो बड़कागांव के पूर्व विधायक और ओबीसी चेहरा के रूप में जाने जाते हैं, हाल ही में हजारीबाग के केरेडारी ब्लॉक में NTPC की कोयला परियोजना से जुड़े भूमि विवाद में चर्चा में आए थे। महज एक दिन पहले उनके घर को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पर साजिश का आरोप लगाते हुए तीखी टिप्पणियां की थीं। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता का प्रमुख आधार माना।
झारखंड कांग्रेस अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष रमेश्वर उरांव ने इस फैसले को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया। इस कार्रवाई से सत्तारूढ़ गठबंधन में एकजुटता का संदेश देने का प्रयास माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी में असंतोष को दबाने और आगामी चुनौतियों के लिए अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में है। योगेंद्र साव के भविष्य की राजनीतिक राह अब अनिश्चित हो गई है।