झारखंड समेत 22 राज्यों में अप्रैल से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

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चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए

नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026: भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने इन सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर एसआईआर से जुड़ी सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

यह प्रक्रिया मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, त्रुटिरहित और अपडेटेड बनाने के लिए चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी नामों को हटाना, नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना और सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। आयोग ने पिछले साल जून में पूरे देश में एसआईआर का आदेश दिया था। अब तक पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या चल रही है। अब तीसरे और अंतिम चरण में बचे 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जा रहा है, जिससे पूरे देश की मतदाता सूची कवर हो जाएगी।

चुनाव आयोग के पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि एसआईआर अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है। इसलिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तुरंत तैयारी पूरी करने को कहा गया है। इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। मतदाताओं को अपने नागरिकता और निवास प्रमाण के दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी जा रही है, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, राशन कार्ड, बैंक पासबुक आदि। ध्यान दें कि आधार कार्ड अकेले नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा।

चुनाव आयोग ने इन 22 राज्यों झारखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजा पत्र।

झारखंड के मतदाताओं से अपील है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच करें और यदि कोई त्रुटि हो तो बूथ लेवल ऑफिसर या स्थानीय चुनाव कार्यालय से संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (eci.gov.in) या स्थानीय चुनाव कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, हालांकि कुछ विपक्षी दलों ने इसे लेकर आपत्तियां भी जताई हैं। आयोग ने कहा है कि एसआईआर पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।