रामगढ़, 18 फरवरी 2025: राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ के भूगोल विभाग ने आज दिन बुधवार को अपने पीजी सेमेस्टर-I 2025-2027 सत्र के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। यह भ्रमण “दामोदर नदी के अपरदन एवं निक्षेपण स्थलरूप” विषय पर केंद्रित था, जिसमें विभाग के व्याख्याताओं के नेतृत्व में छात्रों ने दामोदर नदी के प्रवाह, अपरदन तथा निक्षेपण प्रक्रियाओं से निर्मित विभिन्न भू-आकृतियों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।
इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों में नदी द्वारा निर्मित स्थलरूपों की वैज्ञानिक समझ विकसित करना था। दामोदर नदी, जो झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है, अपनी अपरदन एवं निक्षेपण प्रक्रियाओं के लिए जानी जाती है, जो क्षेत्रीय भू-आकृतिक परिवर्तनों को प्रभावित करती हैं। भूगोल विभाग के अनुसार, ऐसे व्यावहारिक क्षेत्रीय अध्ययन छात्रों में शोध क्षमता, अवलोकन कौशल और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करते हैं। भ्रमण के दौरान छात्रों ने नदी के विभिन्न भागों में अपरदन द्वारा बने गहरे खड्डों, कटाव स्थलों तथा निक्षेपण से बने बालू-कंकड़ के मैदानों, द्वीपों एवं बरों का निरीक्षण किया।
अंत में निष्कर्ष निकाला गया कि दामोदर नदी क्षेत्र में सक्रिय भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ चल रही हैं, जो भविष्य की क्षेत्रीय योजना, बाढ़ प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये प्रक्रियाएँ न केवल भौगोलिक संरचना को आकार देती हैं, बल्कि स्थानीय पर्यावरण एवं मानव जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण छात्रों की किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ते हैं, जिससे उनकी शोध में रुचि बढ़ती है और वे बेहतर वैज्ञानिक बनते हैं।
इस भ्रमण की सफलता पर विश्वविद्यालय के सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार तथा प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार ने भूगोल विभाग के सभी छात्रों, छात्राओं एवं प्राध्यापकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ दीं।
मौके पर भूगोल विभाग के प्रमुख व्याख्याता बुद्धदेव महतो, डॉ. दिलेश्वर प्रसाद, अक्षय कुमार, मासूम कुमार सहित अन्य व्याख्यातागण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
यह भ्रमण राधा गोविंद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की निरंतर सक्रियता का एक उदाहरण है, जो छात्रों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा के संतुलित मिश्रण प्रदान करता है।