लालू-राबड़ी पर लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरोप तय कोर्ट ने कहा- लालू की देखरेख में चली क्रिमिनल साजिश, परिवार ने ट्रायल का सामना करने की ठानी

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नई दिल्ली, 16 फरवरी: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज जमीन के बदले नौकरी घोटाले के मामले में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी पूर्व बिहार मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों सहित कुल 41 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने इस दौरान लालू यादव और राबड़ी देवी को आरोपों से इनकार करने पर मुकदमे का सामना करने की अनुमति दी है।

सीबीआई की जांच के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से कम कीमत पर या बदले में जमीनें ली गईं। ये जमीनें लालू परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम ट्रांसफर की गईं। कोर्ट ने इसे एक बड़ी साजिश करार देते हुए लालू यादव को मुख्य साजिशकर्ता बताया और परिवार को “क्रिमिनल एंटरप्राइज” या सिंडिकेट की तरह काम करने वाला माना है।

आज की सुनवाई में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप पढ़कर सुनाए, जिनमें भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के गंभीर धाराएं शामिल हैं। दोनों ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “हम निर्दोष हैं और मुकदमे का सामना करेंगे।” कोर्ट ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आगे व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है। अब वे जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हो सकेंगे।

इस मामले में कुल 98 जीवित आरोपियों में से अब तक 41 पर आरोप तय हो चुके हैं, जबकि 52 को बरी किया जा चुका है। पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है। लालू परिवार के अलावा तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव भी आरोपी हैं।

आरजेडी नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा है कि वे सभी कानूनी विकल्पों से लड़ाई लड़ेंगे। सीबीआई ने मामले में कई चार्जशीट दाखिल की हैं और जांच जारी है। ट्रायल अब आगे बढ़ेगा, जिसमें गवाहों की जांच और सबूतों की पड़ताल होगी। यह मामला बिहार की सियासत पर गहरा असर डाल सकता है।