हजारीबाग में हाथियों का कहर: एक ही परिवार के चार सदस्य समेत 6 की दर्दनाक मौत

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गोंदवार गांव में देर रात झुंड ने घरों पर किया हमला, सोते हुए लोगों को कुचला

हजारीबाग, 13 फरवरी: झारखंड के हजारीबाग जिले में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर भयावह रूप ले चुका है। चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव के अंगो थाना क्षेत्र में गुरुवार की देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच पांच जंगली हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर भयंकर तबाही मचाई। हाथियों ने कच्चे मकानों के गेट और दीवारें तोड़ दीं तथा सो रहे लोगों पर टूट पड़े। इस हमले में 6 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं।

मृतकों में शामिल लोगों के नाम है- सुमन कुमारी (26 वर्ष), धनेश्वर राम (52 वर्ष), सूरज राम (50 वर्ष), सविता देवी (25 वर्ष), अनुराग राम (1 वर्ष), संजना कुमारी (3 वर्ष)

घटना के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल छा गया है। ग्रामीण बताते हैं कि हाथी अचानक बस्ती में दाखिल हुए और अनाज की तलाश में घरों पर हमला किया। कई लोग गहरी नींद में थे, जिस कारण बचाव का कोई मौका नहीं मिला। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे के साथ-साथ हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले ऐसे हमलों से जीवन और संपत्ति को लगातार खतरा बना हुआ है।

वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता प्रदान करने और स्थिति को नियंत्रित करने का आश्वासन दिया गया है। हाथियों को गांव से दूर भगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

यह घटना झारखंड में बढ़ते मनुष्य-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाथियों के हमलों से दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में आवास की कमी, फसल क्षति और हाथी कॉरिडोर के प्रभावी प्रबंधन की कमी मुख्य कारण हैं। प्रशासन से मांग है कि सोलर फेंसिंग, अलर्ट सिस्टम और स्थायी राहत उपायों पर तेजी से काम किया जाए।