रांची, 11 फरवरी 2026: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई एक सीट और बीजेपी के दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने वाली दूसरी सीट पर महागठबंधन की मजबूत स्थिति के कारण दोनों सीटें गठबंधन के खाते में आने की संभावना प्रबल है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा में सबसे ज्यादा चर्चा अंजनी सोरेन के नाम की है। पार्टी के कार्यकर्ता और बड़ा वर्ग उन्हें राज्यसभा भेजने की जोरदार मांग कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला भावनात्मक के साथ-साथ रणनीतिक भी माना जा रहा है। अंजनी सोरेन ने ओडिशा के मयूरभंज से लोकसभा चुनाव लड़कर पार्टी का विस्तार किया था, जिसे संगठनात्मक मजबूती का संकेत माना जा रहा है। झामुमो के भीतर मंथन तेज है और अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लेंगे, जिन पर पार्टी से दबाव बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने गठबंधन के तहत एक सीट पर अपना मजबूत दावा पेश किया है। कांग्रेस प्रभारी के. राजू सहित वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन में कांग्रेस की हिस्सेदारी को देखते हुए एक सीट पार्टी को मिलनी चाहिए। झारखंड कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उनके 16 विधायकों की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बीजेपी के लिए इन सीटों पर उम्मीदवार उतारना चुनौतीपूर्ण दिख रहा है, क्योंकि महागठबंधन की विधायकी संख्या काफी मजबूत है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बजट सत्र के बाद सभी दल उम्मीदवारों की घोषणा और रणनीति पर अंतिम मुहर लगाएंगे। फिलहाल कोई आधिकारिक नामांकन या घोषणा नहीं हुई है, लेकिन झामुमो में अंजनी सोरेन की दावेदारी सबसे मजबूत नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस एक सीट के लिए अड़ी हुई है।