निकाय चुनाव में ’20 हजार लोन’ विवाद: मंईयां योजना की खबर पर बीजेपी पहुंची राज्य निर्वाचन आयोग

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रांची, 10 फरवरी 2026: झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव के बीच मंईयां सम्मान योजना से जुड़े एक नए राजनीतिक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी  ने राज्य सरकार पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

पार्टी का दावा है कि विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से छपी खबरों के अनुसार, मंईयां सम्मान योजना की 51 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं को बिना गारंटी 20 हजार रुपये तक का लोन उपलब्ध कराने की तैयारी है। बीजेपी का कहना है कि नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू होने के बावजूद ये खबरें सरकार के इशारे पर छपवाई गई हैं, जिसका मकसद महिलाओं मतदाताओं को लुभाकर चुनावी फायदा उठाना है।

सोमवार को बीजेपी के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद को लिखित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुधीर श्रीवास्तव ने किया, जिसमें अशोक बड़ाईक, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी और सीमा सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री शामिल थे।

ज्ञापन में कहा गया कि बैकर्स समिति की बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा की गई इस घोषणा से जुड़ी खबरें मतदाताओं को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास हैं। बीजेपी ने मांग की है कि आयोग इन खबरों के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों या पदाधिकारियों की जांच कर सख्त कार्रवाई करे। आयोग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

बीजेपी नेताओं ने इसे ‘प्रलोभन’ करार देते हुए कहा कि सरकार मंईयां योजना को चुनाव से जोड़कर महिलाओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने दोहराया कि नगर निकाय चुनाव दलीय स्तर पर नहीं कराए जाने चाहिए थे, जैसी उनकी पुरानी मांग रही है।

दूसरी ओर, सत्ताधारी गठबंधन ने बीजेपी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया। झारखंड कांग्रेस ने कहा कि महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं पर आपत्ति उठाना महिलाओं के हितों के खिलाफ है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “जब भी जनकल्याण की कोई योजना आती है, बीजेपी कोर्ट या चुनाव आयोग पहुंच जाती है, क्योंकि हार सामने दिख रही है।”

यह विवाद झारखंड के नगर निकाय चुनावों के दौरान तेज हो गया है, जहां महिलाओं का वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को मासिक 2500 रुपये की सहायता मिल रही है, और अब लोन की सुविधा से जुड़ी खबरों ने राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है।