हजारीबाग में 5000 एकड़ वन भूमि का घोटाला: विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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हजारीबाग, 7 फरवरी: हजारीबाग जिले में वन भूमि घोटाले का मामला अब और गहरा गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खिलाफ शुक्रवार को विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह कार्रवाई उनके हजारीबाग डिप्टी कमिश्नर रहते हुए हुए बड़े पैमाने पर अवैध भूमि हस्तांतरण से जुड़ी है।

जांच में पाया गया कि विनय चौबे के कार्यकाल के दौरान 5000 एकड़ से अधिक वन भूमि, ट्रस्ट भूमि और गैर-मजरुआ जमीन की अवैध बिक्री व जमाबंदी हुई। इनमें वन संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन हुआ, जहां सरकारी रिकॉर्ड में जंगल या संरक्षित भूमि दर्ज होने के बावजूद निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित कर दी गई। चार्जशीट में विनय चौबे के अलावा नेक्सजेन कंपनी के संचालक विनय सिंह और पूर्व सीओ शैलेश कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम तथा अन्य संगत धाराओं के तहत हैं।

एसीबी ने आरोप पत्र के साथ केस डायरी, दस्तावेज और साक्ष्य भी जमा किए। जांच से मनी ट्रेल का खुलासा हुआ, जिसमें परिवार, कंपनी और सहयोगियों के बीच करोड़ों का लेन-देन सामने आया। विशेष रूप से 3.1 करोड़ रुपये के संदिग्ध लिंक की अभी गहन तलाश जारी है।

यह मामला विनय चौबे के लिए नया झटका है, जो पहले से शराब घोटाला, खासमहल भूमि घोटाला और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जेल में हैं या आरोपी हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने इस घोटाले को “सिस्टेमैटिक फ्रॉड” करार देते हुए पहले बैल याचिकाएं खारिज की हैं। एसीबी ने 11 जनवरी 2026 को उन्हें रिमांड पर लिया था, जिसके बाद लंबी पूछताछ के आधार पर चार्जशीट तैयार हुई।

यह झारखंड में सरकारी भूमि के बड़े दुरुपयोग का एक प्रमुख उदाहरण है, जहां जांच एजेंसियां सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं। मामला अब अदालती सुनवाई के चरण में है, जहां आगे सबूतों और गवाहों के आधार पर फैसला होगा।