गोमिया के बड़कीपुन्नू गांव में पांच हाथियों के झुंड ने तड़के मचाया तांडव; पति-पत्नी समेत तीन की मौके पर मौत, दो घायल
बोकारो, 6 फरवरी: झारखंड के बोकारो जिले में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर भयावह रूप ले लिया। गोमिया प्रखंड के महुआटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कीपुन्नू गांव में गुरुवार तड़के करीब 3 बजे पांच हाथियों के झुंड ने एक ही करमाली परिवार के तीन बुजुर्ग सदस्यों को पटक-पटक कर कुचल दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में गंगा करमाली (65), उनकी पत्नी कमली देवी (62) और परिवार की अन्य महिला सदस्य भगिया देवी (65) शामिल हैं। हाथी धान की तलाश में गांव में घुसे थे। शाम को ग्रामीणों ने उन्हें भगाया था, लेकिन रात में वे लौट आए और घर में घुसकर तबाही मचा दी। हाथियों ने घर के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त किया और परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया।
इस दर्दनाक हमले में दो अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत डॉक्टरों की निगरानी में बनी हुई है।
बोकारो के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर संदीप शिंदे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी कई दिनों से इस क्षेत्र में सक्रिय थे। मृतकों के परिजनों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा प्रति मृतक 4 लाख रुपये देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीण वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। बोकारो-रामगढ़ सीमा क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में हाथियों के हमलों में कई मौतें हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोग लगातार दहशत में जी रहे हैं।
प्रशासन ने शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। वन विभाग हाथियों को जंगल की ओर वापस भेजने के प्रयास में जुटा है।