रामगढ़, 5 फरवरी: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ के मनोविज्ञान विभाग ने एक दिवसीय कैंसर जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला में मनोविज्ञान विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इस बीमारी के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक एवं भावनात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालना था। वक्ताओं ने 2026 के विश्व कैंसर दिवस की थीम “यूनाइटेड बाय यूनिक” पर विस्तृत चर्चा की, जो लोगों को कैंसर देखभाल के केंद्र में रखती है और प्रत्येक व्यक्ति की अनूठी कहानी, आवश्यकताओं एवं अनुभवों को महत्व देती है।
वक्ताओं ने जोर दिया कि कैंसर मात्र शारीरिक रोग नहीं है, बल्कि यह रोगी एवं उनके परिवार के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। छात्र-छात्राओं को कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के साथ-साथ रोगियों को मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह, सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंधन समिति सदस्य अजय कुमार, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. भारती कुमारी, व्याख्याता विक्रम कुमार एवं मौसमी पॉल सहित अन्य शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में कुलाधिपति बी. एन. साह ने कहा, “विश्व कैंसर दिवस हमें यह संदेश देता है कि कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल दवाओं से नहीं जीती जाती, बल्कि संवेदनशील देखभाल, सही जानकारी और मजबूत मानसिक मनोबल से भी।”
सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा, “कैंसर किसी व्यक्ति की गलती या कमजोरी नहीं है। समाज को रोगियों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग का भाव रखना चाहिए, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ इस बीमारी का सामना कर सकें।”
कार्यक्रम के समापन पर मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. भारती कुमारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आभार व्यक्त किया। इस कार्यशाला ने छात्रों में कैंसर के प्रति संवेदनशीलता एवं जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।