नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का संघीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को केंद्र में रखकर तैयार किया गया। बजट में तीन प्रमुख ‘कर्तव्यों’ (कर्तव्य) पर फोकस है- आर्थिक विकास को तेज करना, आकांक्षाओं को पूरा करना और हर परिवार-समुदाय-क्षेत्र को संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करना।
वैश्विक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ जैसे चुनौतियों के बीच यह बजट आत्मनिर्भरता, निर्यात बढ़ावा, स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देता है। कुल बजट आकार करीब 53.5 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया (पिछले साल से लगभग 9% अधिक)। राजकोषीय घाटा 4.3% पर लक्षित है।
आम आदमी के लिए राहत: क्या सस्ता हुआ?
बजट में बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट से कई वस्तुएं सस्ती होंगी, खासकर निर्यातकों, स्वास्थ्य मरीजों और यात्रियों के लिए:
• चमड़ा, जूते और कपड़ा- चमड़े के जूतों, सिंथेटिक फुटवियर और निर्यात से जुड़े इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री सुविधा बढ़ी। निर्यात की समयसीमा 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल की गई, जिससे चमड़े-कपड़े का निर्यात सस्ता और प्रतिस्पर्धी बनेगा।
• कैंसर और अन्य दवाएं- 17 कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट, साथ ही दुर्लभ रोगों और शुगर (डायबिटीज) से जुड़ी दवाओं पर राहत। इससे इलाज सस्ता होगा।
• माइक्रोवेव ओवन- निर्माण से जुड़े स्पेसिफाइड पार्ट्स पर ड्यूटी छूट।
• विदेशी यात्रा- ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS दर 5-20% से घटाकर (बिना न्यूनतम राशि शर्त)। LRS के तहत एजुकेशन-मेडिकल के लिए TCS भी 2%।
• सोलर और EV से जुड़े सामान सोलर ग्लास, EV बैटरी, बायोगैस मिक्स्ड CNG और विमानों का ईंधन सस्ता होगा।
• एयरक्राफ्ट निर्माण- पार्ट्स और डिफेंस मेंटेनेंस पर ड्यूटी छूट।
• व्यक्तिगत आयात- देय वस्तुओं पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%।
ये बदलाव निर्यात को बढ़ावा देंगे, स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएंगे और क्लीन एनर्जी को प्रोत्साहन मिलेगा।
क्या महंगा हुआ?
कुछ वस्तुओं पर ड्यूटी बढ़ने या छूट हटने से प्रभाव:
• शराब- अल्कोहलिक लिकर पर कस्टम ड्यूटी में वृद्धि से महंगी होगी।
• मिनरल्स और स्क्रैप- कुछ मिनरल्स-स्क्रैप पर ड्यूटी रेशनलाइजेशन से प्रभाव।
• अन्य चुनिंदा आइटम जहां छूट हटाई गई।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
• इनकम टैक्स- कोई बड़ा बदलाव नहीं। स्लैब अपरिवर्तित। नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू। TDS/TCS रेशनलाइजेशन, अपडेटेड रिटर्न की समयसीमा बढ़ी।
• कृषि- पल्स, फ्रूट्स, फिशरीज, कॉटन पर फोकस; मखाना बोर्ड (बिहार), बेहतर बीज, फार्म क्रेडिट।
• रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग- डिफेंस आवंटन में वृद्धि; सेमिकंडक्टर मिशन 2.0, बायो-फार्मा, रेयर अर्थ कॉरिडोर।
• इंफ्रास्ट्रक्चर- 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर, कार्बन कैप्चर पर 20,000 करोड़।
• स्वास्थ्य-शिक्षा- 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS, मेडिकल टूरिज्म बूस्ट।
यह बजट चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में भारत की मजबूती दिखाता है। आम आदमी को दवाएं, यात्रा और घरेलू सामान सस्ते होने से राहत मिलेगी, जबकि निर्यात और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।