रांची/चाईबासा, 24 जनवरी 2026: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मेघाबुरू में सुरक्षा बलों को लगातार मिल रही सफलताओं ने माओवादियों की कमर तोड़ दी है। गुरुवार को शुरू हुई इस कार्रवाई में पहले दिन 15 नक्सलियों के मारे जाने के बाद शुक्रवार को एक और बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें एक*इनामी महिला नक्सली को ढेर कर दिया गया और जोनल कमांडर रापा उर्फ पॉवेल का शव बरामद किया गया।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन के दूसरे दिन छोटानागरा और किरीबुरू थाना क्षेत्र के कुमडी-बहादा जंगल इलाके में सुबह से ही झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और अन्य बलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसके जवाब में भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में महिला नक्सली जिस पर इनाम घोषित था वह भी मारी गई, जबकि जोनल कमांडर स्तर के एक प्रमुख नक्सली का शव घटनास्थल से बरामद हुआ। कुल मिलाकर इस ऑपरेशन में अब तक 17 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से कई पर लाखों-करोड़ों का इनाम था।
पहले दिन की मुठभेड़ में 2.35 करोड़ रुपये का इनामी टॉप कमांडर पटिराम मांझी उर्फ अनल दा सीपीआई माओइस्ट की सेंट्रल कमेटी सदस्य सहित अन्य प्रमुख नक्सली ढेर हुए थे। मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान नक्सल-मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सारंडा क्षेत्र, जो कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, अब तेजी से साफ हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार ने इस सफलता की सराहना की है, जबकि सुरक्षा बलों की सतर्कता और समन्वय की तारीफ हो रही है।
सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और इलाके में छिटपुट मुठभेड़ की आशंका बनी हुई है। पुलिस ने स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील की है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य तेज करने का आश्वासन दिया है।