रांची, 19 जनवरी 2026: रांची पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस कार्रवाई में 12 अपहृत बच्चों को विभिन्न जिलों से सुरक्षित बरामद किया गया है, जबकि गिरोह के 13 सदस्यों (महिलाओं सहित) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह पिछले कई वर्षों से सक्रिय था और बच्चों को भीख मंगवाने, पॉकेटमारी तथा मानव तस्करी जैसे घिनौने धंधों में इस्तेमाल करता था।
यह सफलता रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) के मामले से शुरू हुई। इन बच्चों को रामगढ़ जिले से बरामद करने के बाद विशेष जांच टीम ने पूछताछ में पूरा नेटवर्क उजागर किया। गिरोह ने इन बच्चों की बिक्री की डील तक फाइनल कर ली थी, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई से साजिश नाकाम रही।
एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर ऑपरेशन चलाया। गिरोह के तार झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश तक फैले हुए पाए गए। बरामद बच्चे मुख्य रूप से रांची, बोकारो, धनबाद, चाईबासा, लातेहार और अन्य जिलों से चुराए गए थे। इनमें अधिकांश लड़कियां हैं और उम्र 4 से 12 वर्ष के बीच है।
गिरोह का मॉडस ऑपरेंडि- गरीब परिवारों के बच्चों को निशाना बनाता था, क्योंकि उनके अभिभावक अक्सर पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। बच्चों को अगवा कर बेचने या गलत कामों में झोंकने की साजिश रचता था। पुलिस अब अन्य राज्यों में बेचे गए बच्चों की तलाश में जुटी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बरामद बच्चों को धुर्वा थाने में सुरक्षित रखा गया है और उनके असली अभिभावकों की तलाश तेज कर दी गई है।